महाराष्ट्र सरकार ने ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा का ज्ञान अनिवार्य कर दिया है. MNS नेता अमित ठाकरे ने चेतावनी देते हुए कहा कि मराठी लोगों को परेशानी हुई तो सड़कों पर कार्रवाई करेंगे. विपक्षी दलों ने इस फैसले को क्षेत्रवाद बढ़ावा देने वाला और समाज में विभाजन पैदा करने वाला बताया है.