हर साल 21 सितंबर को वर्ल्ड अल्जाइमर डे मनाया जाता है. इससे सोचने, समझने और निर्णय लेने की क्षमता को प्रभावित होती है. चिंता या डिप्रेशन अल्जाइमर जैसी बीमारी को बढावा देते हैं.