असम विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को पिछली बार की तुलना में दस सीटों का नुकसान हुआ और केवल इक्कीस सीटें मिलीं कांग्रेस नेतृत्व संकट, आंतरिक कलह और गठबंधन में असमंजस के कारण पार्टी का मनोबल कमजोर और प्रदर्शन प्रभावित हुआ बीजेपी ने विकास, अस्मिता और घुसपैठ विरोधी नारों के माध्यम से असम के विभिन्न वर्गों में मजबूत आधार बनाया