मौनी अमावस्या के दौरान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और मेला प्रशासन के बीच स्नान को लेकर विवाद हुआ. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने राहुल गांधी को राम मंदिर में प्रवेश न देने पर टिप्पणी की थी. एक समय तो उन्होंने केदारनाथ मंदिर से सोने के गायब होने का आरोप लगाया गया.