SC सभी डिजिटल अरेस्ट मामलों की जांच एक समान तरीके से करने के लिए सीबीआई को सौंपने पर विचार कर रही है. अदालत ने CBI से पूछा कि क्या उसके पास मामलों को संभालने के लिए पर्याप्त तकनीकी विशेषज्ञता और संसाधन हैं. केंद्र ने SC को बताया कि डिजिटल अरेस्ट का नेटवर्क विदेशों से संचालित हो रहा है और यह समस्या बड़ी और गंभीर है.