SC बार एसोसिएशन की कॉन्फ्रेंस में जस्टिस बीवी नागरत्ना ने कहा -जज छुट्टियों में भी लंबित फैसले लिखते हैं जस्टिस दीपांकर दत्ता ने कहा-जजों को सुबह से शाम तक लगातार मामले सुनने के बाद दिमाग को भी आराम की जरूरत होती है जस्टिस दीपांकर-जजों पर न्यायिक कामकाज के अलावा कोर्ट के बाहर भी फैसले सुनाने का दबाव होता है