18 जनवरी को सूरज पर बड़ा X-class सोलर फ्लेयर हुआ, जिससे Coronal Mass Ejection पृथ्वी की ओर बढ़ा. हानले में गहरे लाल आसमान का कारण सूरज से निकले कणों का ऊंचाई पर मौजूद ऑक्सीजन से टकराना है. इस सौर तूफान के कारण सैटेलाइट, बिजली ग्रिड, GPS और इंटरनेट जैसी तकनीकी प्रणालियों को गंभीर खतरा हो सकता है.