उत्तराखंड और हिमाचल के पहाड़ अब दरक रहे हैं, जिससे भूस्खलन और मिट्टी का बहाव बढ़ रहा है, जिससे जान-माल का नुकसान हो रहा है. इस मॉनसून में हिमाचल में 75 और उत्तराखंड में 22 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि पिछले सप्ताह 16 बड़े भूस्खलन हुए. टूरिज्म के बढ़ते दबाव के कारण पहाड़ों पर अत्यधिक विकास हुआ है, जिसमें सुरंगें, सड़कें, होटल और रिसॉर्ट्स शामिल हैं.