सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह हर घटना पर न कानून बनाने और न ही हर छोटी मोटी हेट स्पीच की निगरानी का इच्छुक है. सुप्रीम कोर्ट ने आवेदक को निर्देश दिया कि वह अपनी शिकायत संबंधित राज्य के हाई कोर्ट में लेकर जाएं. सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि जनहित एक धर्म तक सीमित नहीं हो सकता. सभी धर्मों में नफरत भरे बयान दिए जा रहे हैं.