विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव सदन में किसी सदस्य के खिलाफ लाया जा सकता है और इसका फैसला सदन की सहमति से होता है पिछले उदाहरणों में सदस्यों की सदस्यता समाप्त करने के लिए प्रस्ताव लाए गए थे जिनमें इंदिरा गांधी भी शामिल थीं सदन में प्रस्ताव लाने और सदस्यता समाप्त करने की प्रक्रिया में लोकसभा अध्यक्ष की मंजूरी अनिवार्य होती है