केंद्र सरकार ने चार प्रमुख श्रम संहिताओं को पांच साल की तैयारी के बाद 21 नवंबर 2025 से लागू किया है नए कानूनों के तहत 50 करोड़ से अधिक संगठित, असंगठित और स्व-नियोजित कामगारों को न्यूनतम मजदूरी मिलेगी भारतीय मजदूर संघ के अनुसार ये नए नियम पहली बार केंद्र सरकार द्वारा न्यूनतम वेतन को लिया गया बड़ा कदम है.