माता पिता की देखभाल न करने पर सैलरी से कटौती का प्रावधान. सरकारी और प्राइवेट दोनों कर्मचारियों पर होगा लागू. 60 दिन में फैसला और सीधे बुर्जुगों के बैंक खाते में आएंगे पैसा.