नीट परीक्षा को पेपर लीक होने के कारण रद्द कर दिया गया, जिसमें 22.80 लाख परीक्षार्थी शामिल थे. फरवरी 2024 में संसद ने पेपर लीक रोकने हेतु सख्त कानून पास किया, जिसमें दस साल तक की जेल की सजा का प्रावधान है. नया कानून परीक्षा में अनियमितताओं में शामिल अधिकारियों और कर्मचारी को भी जेल और भारी जुर्माने की सजा देता है.