गौरव कुमार की मां को चौथे चरण का लीवर कैंसर था, डॉक्टरों ने केवल तीन महीने जीवित रहने की संभावना बताई थी गौरव ने अस्पताल के अलग-अलग विभागों से सलाह लेकर अपनी मां के लिए सर्जरी का दूसरा विकल्प प्राप्त किया था सर्जरी के बाद गौरव की मां का जीवन लगभग दो साल बढ़ा, जो नेटवर्क और जागरूकता की कमी को दर्शाता है