गैस सिलेंडर की किल्लत ने हजारों प्रवासी मजदूरों को मजबूरन गांव लौटने पर विवश किया है. गैस सिलेंडर कालाबाजारी के कारण एक सिलेंडर के दाम 3 से 4 हजार रुपये तक पहुंच गए हैं. मजदूरों का कहना है कि रोजाना मिलने वाली मजदूरी के मुकाबले गैस की कीमतें बहुत अधिक हैं.