सरकार ने 2025 के लिए दवाओं की कीमतों में लगभग 0.65 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की अनुमति दी है नेशनल फार्मास्युटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी ने दवा कंपनियों को MRP बढ़ाने की स्वतंत्रता दी है कच्चे माल जैसे प्लास्टिक, केमिकल और एलुमिनियम की कीमतों में वृद्धि से दवा निर्माण और पैकेजिंग महंगी हुई है