बंटवारे से पहले 1946 में मुस्लिम लीग चाहती थी कि कोलकाता, पाकिस्तान का हिस्सा बने. 16 अगस्त 1946 को मुस्लिम लीग के आह्वान पर कोलकाता में 'डायरेक्ट एक्शन डे' के दौरान भीषण हिंसा भड़की. तब गोपाल पाठा व अन्य हिंदू समूहों ने प्रतिरोध किया. दावा है- इसी प्रतिरोध ने मुस्लीम लीग की कोशिशें कमजोर की.