गाजियाबाद के हरीश राणा की हालत गंभीर होने पर सुप्रीम कोर्ट ने पहली बार इच्छामृत्यु की अनुमति दी है सुप्रीम कोर्ट ने दयामृत्यु को स्वीकार करते हुए कृत्रिम जीवन समर्थन उपकरण हटाने का आदेश दिया है हरीश राणा के माता-पिता ने 13 वर्षों तक उनकी सेवा की और अब जीवन समाप्ति की अनुमति मांगी है