दिल्ली हाई कोर्ट ने धार्मिक वक्ता अनिरुद्धाचार्य के व्यक्तित्व अधिकारों को अंतरिम संरक्षण दिया है कोर्ट ने कहा कि अनिरुद्धाचार्य को आलोचना और प्रशंसा दोनों से ऊपर माना जाता है कोर्ट ने कहा- आदि शंकराचार्य ने कभी मानहानि के मुकदमे नहीं दायर किए, वे वाद-विवाद के माध्यम से बात रखते थे