दिल्ली में बने व्हॉट्सऐप ग्रुप के जरिये धर्मांतरण का नेटवर्क चल रहा था, जिसमें मनोज उर्फ मुस्तफा शामिल था. ग्रुप का एडमिन अब्दुल्ला जयसवाल था, जो ऑटो चालक है और उसने कई सदस्यों को इस नेटवर्क से जोड़ा था. अब्दुल रहमान मुस्तफाबाद से पूरे सिंडिकेट का संचालन कर रहा था, जो कलीम सिद्दीकी के बाद सक्रिय हुआ था.