राजनाथ सिंह ने जर्मन कंपनियों को भारत के साथ नई और उन्नत रक्षा तकनीकों में सहयोग बढ़ाने का आमंत्रण दिया. भारत में राजनीतिक आर्थिक स्थिरता और मजबूत कानून व्यवस्था निवेश के लिए अनुकूल माहौल प्रदान करती है. भारत रक्षा उपकरणों का केवल खरीदार नहीं बल्कि वैश्विक स्तर पर साझेदार बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है.