SC ने केंद्र सरकार से अनुसूचित जाति और जनजाति की क्रीमी लेयर को आरक्षण से बाहर रखने पर जवाब मांगा है. कोर्ट ने 1 अगस्त 2024 के फैसले के अनुपालन में उठाए गए कदमों की विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है. संविधान पीठ ने कहा कि अनुसूचित जातियों के भीतर उपवर्गीकरण और क्रीमी लेयर की पहचान संवैधानिक रूप से आवश्यक है.