492 किलोमीटर लंबा चेन्नई-बेंगलुरु-मैसूर गलियारा अधर में लटका एक साल पहले चीनी कंपनी ने अंतिम रिपोर्ट सौंपी थी डोकलाम विवाद की वजह से देरी पर संदेह