सिद्धारमैया–डीके शिवकुमार की ब्रेकफास्ट डिप्लोमेसी सत्ता संघर्ष की खाई नहीं भर पा रही है. अघोषित रोटेशन पॉलिसी पर परोक्ष बयानबाजी के बीच ब्रेकफास्ट डिप्लोमेसी से इस मामले को सुलझाने की कोशिश की गई. पर अंदरूनी खींचतान से राज्य में कांग्रेस सरकार अस्थिरता के मुहाने पर खड़ी है. अब दोनों नेता दिल्ली जाएंगे.