अशोक खरात को अदालत ने दो दिन की पुलिस हिरासत में भेजा है, वह एक अप्रैल तक हिरासत में रहेगा. अभियोजन पक्ष के वकील ने कहा कि फॉरेंसिक लैब से खरात के मोबाइल डेटा की 'क्लोन कॉपी' प्राप्त हो चुकी है. शक है कि खरात ने कई रसूखदार लोगों और राजनेताओं के नंबर 'डमी' यानी फर्जी नामों से सेव कर रखे थे.