सुप्रीम कोर्ट पांच मई से संशोधित नागरिकता अधिनियम 2019 की संवैधानिक वैधता पर अंतिम सुनवाई शुरू करेगा. सीएए का उद्देश्य छह धार्मिक समुदायों के प्रवासियों को भारत में नागरिकता प्रदान करना है जो 2014 से पहले आए थे. CJI सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने 2019-2020 से लंबित याचिकाओं पर सुनवाई के लिए निर्देश जारी किए.