इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अंतरधार्मिक लिव-इन रिलेशनशिप को अपराध नहीं माना और इसे संविधान के अधिकारों में शामिल किया उत्तर प्रदेश प्रोहिबिशन ऑफ अनलॉफुल कन्वर्जन ऑफ रिलीजन एक्ट, 2021 से लिव-इन रिलेशनशिप पर कोई प्रतिबंध नहीं है कोर्ट ने कहा कि जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत सभी को सुरक्षित है