30-40 दिन के उपवास से प्रारंभ करके दृढ़ संकल्प से पूरा किया 180 दिनों का कठिन तप. छह महीने लंबे उपवास के लिए ईश्वरीय और गुरु कृपा के साथ मन के संकल्प को बताया जरूरी. कठिन तप के पुण्यफल से संसार में परस्पर प्रेम, मैत्री भाव में वृद्धि तथा शांति की है कामना.