दिल्ली के आश्रम में छात्राओं के शोषण के आरोपी चैतन्यानंद सरस्वती को VIP गाड़ियों में चलने का शौक था. पुलिस को चैतन्यानंद की वॉल्वो कार से कम से कम 9 नीली नंबर प्लेट मिली हैं. ये नंबर प्लेट फर्जी हैं. बाबा ने खुद ही UN की फर्जी नीली नंबर प्लेट बनवा ली थीं और अपनी लग्जरी कार पर लगवाता था.