ऐसी टेक्नोलॉजी बनाई गई है जिससे बोलने में असमर्थ लोगों को ज़बान मिलेगी. इस टेक्नोलॉजी की मदद से मस्तिष्क संकेतों को भाषा में बदला जा सकेगा. ये टेक्नोलॉजी आईआईटी मद्रास की एक रिसर्च टीम ने डेवलप की है.