जीतन राम मांझी ने राज्यसभा सीट न मिलने पर भी गठबंधन और साथियों से दूरी नहीं बनाने का स्पष्ट संकेत दिया. उन्होंने दलित, पिछड़े और वंचित वर्गों की आवाज को मजबूत करना अपना प्राथमिक उद्देश्य बताया है जीतन राम मांझी ने पार्टी और गठबंधन के निर्णय को स्वीकार करने और जरूरत पड़ने पर आत्ममंथन करने की बात कही.