बिहार कैबिनेट ने मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों को दो-दो सरकारी आवास देने के फैसले को मंजूरी दी है सरकार का तर्क है कि अलग-अलग जिम्मेदारियों के लिए एक आवास निजी और दूसरा कार्यालय या अतिथियों के लिए होगा विपक्ष खासकर राजद ने इस फैसले को महंगाई और बेरोजगारी के बीच नेताओं की विलासिता बताया है