फरवरी के अंत में ईरान ने चार सौ अस्सी मिसाइलें दागी थीं जबकि मार्च में यह संख्या घटकर मात्र चालीस रह गई है ड्रोन हमलों में भी साठ प्रतिशत की कमी आई है, जिससे लगता है कि ईरान की सैन्य क्षमता प्रभावित हुई है ईरान ने अपनी सैन्य रणनीति में बदलाव करते हुए अब अधिक सटीक और घातक हमले करने पर जोर दिया है