अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी के प्रमुख ने बताया कि यूरोप के पास जेट ईंधन केवल छह सप्ताह तक बचा है ईरान युद्ध के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल आपूर्ति अवरुद्ध होने पर उड़ानें रद्द हो सकती हैं इस संकट का सबसे अधिक प्रभाव एशियाई देशों जैसे भारत, चीन, जापान, कोरिया, पाकिस्तान और बांग्लादेश पर होगा