मुकुंदानंद गिरी ने कहा कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सत्य बोलते हैं. इसलिए निशाना बनाए जा रहे हैं. रामभद्राचार्य न तो जगद्गुरु रामानंदाचार्य हैं और न ही तुलसी पीठ का गठन कर सकते हैं, इनके बीच विवाद हुआ था. मुकुंदानंद ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी राजनीतिक रूप से अकेले पड़ गए हैं.