दिल्ली और प्रयागराज के यमुना नदी पर बने पुराने लोहा पुल ब्रिटिश काल में बनाए गए थे और उनकी बनावट लगभग समान है दोनों पुलों का निर्माण 1859 और 1863 में शुरू हुआ था और इन्हें डबल लाइन रेलवे ट्रैकों के रूप में विकसित किया ये पुल सिर्फ आवागमन के साधन नहीं, बल्कि शहरों की पहचान और लोगों के बीच भावनात्मक संबंध का प्रतीक रहे हैं