RSS प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि विदेशी आक्रमणों के बावजूद आदिवासी और अनुसूचित जातियों ने देश की आत्मा बचाई है उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज को मुख्यधारा में लाना आवश्यक है, ताकि समाज का समग्र विकास संभव हो सके भागवत ने सेवा को कर्तव्य बताया और आदिवासी समाज में शिक्षा के प्रसार को मेहनत और संवेदना से जोड़कर देखा