परिसीमन की प्रक्रिया से लोकसभा सीटों का पुनर्वितरण होगा, जिससे राजनीतिक पावर स्ट्रक्चर में बदलाव आएगा. दक्षिण के राज्यों ने जनसंख्या, शिक्षा में बढ़िया प्रदर्शन किया, जिससे उन्हें पावर घटने की चिंता है. अमित शाह ने कहा है कि परिसीमन के बाद दक्षिण भारत की सीटों की संख्या बढ़ेगी और उनकी राजनीतिक ताकत बनी रहेगी.