शिवसेना स्थापना दिवस पर एकनाथ शिंदे ने अपने गुट को बाल ठाकरे की राजनीतिक विरासत का असली उत्तराधिकारी बताया. उन्होंने कहा कि उत्तराधिकार खून के रिश्तों से नहीं, बल्कि विचारधारा से तय होता है. उद्धव ठाकरे ने कहा, अगर आपमें से किसी को भी लगता है कि मैं इस पद के लायक नहीं हूं, तो मैं पद छोड़ने को तैयार.