ED ने चेन्नई, कांचीपुरम और चेंगलपट्टू में फर्जी जमीन रिकॉर्ड घोटाले की जांच के तहत 15 जगहों पर छापेमारी की. जांच के मुताबिक VGP ग्रुप ने सार्वजनिक उपयोग की जमीन को फर्जी दस्तावेजों से हासिल कर निजी लोगों को बेचा. मद्रास HC ने इस मामले में नकली मालिकाना हक दिखाकर सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचाने की निंदा की.