आज मुंशी प्रेमचंद की जयंती है. स्त्री को लेकर उनके विचार महान थे, जो उनकी कहानियों व उपन्यासों में दिखता है. मुंशी प्रेमचंद ने अपने साहित्य में स्त्री को सहनशील, स्वाभिमानी और प्रबल व्यक्तित्व के रूप में दिखाया है. प्रेमचंद ने स्त्री की तुलना धरती से की, जो धैर्यवान, शांति-संपन्न और सहिष्णु है. मातृत्व को बड़ी साधना कहा.