इसे अप्रत्यक्ष तौर पर पार्टी नेतृत्व पर निशाना माना जा रहा है. पहले भी नितिन गडकरी ने दिया था ऐसा ही बयान. फिर कहा था- ‘तोड़ मरोड़कर’ पेश किया गया बयान.