केंद्र ने जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक पर लगे राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम को रद्द कर उनकी रिहाई का फैसला किया. सोनम वांगचुक को राजस्थान की जोधपुर केंद्रीय जेल से रिहा किया गया और उन्होंने अपनी आवाज वापस पाने की खुशी जताई. वांगचुक ने बताया कि उनकी जीत का मतलब लद्दाख और हिमालय की भलाई और उनकी वजहों की जीत भी है.