कहा,10-15 वर्ष में भारत का विमानन बाजार अमेरिका और चीन को पीछे छोड़ देगा. मौजूदा वित्त वर्ष में इसकी कुल आय करीब 1.8 लाख करोड़ रुपए है. कहा, विमानन क्षेत्र की वृद्धि अभूतपूर्व है.