भारतीय सेना आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है. हर कमान 5000 ड्रोन बना सकती है. सेना के बनाए ड्रोन की रेंज 100 किमी तक बढ़ाई गई है और भविष्य में इसे और बेहतर बनाने की योजना है. आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने सेना की वार्षिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मिसाइल फोर्स की जरूरत पर जोर दिया.