भारत में महिलाओं के खिलाफ अपराधों की संख्या बढ़ती जा रही है, 2022 में दर्ज हुए रेप मामलों की संख्या तीस हजार से अधिक है. ओडिशा की एक छात्रा ने कॉलेज में शिक्षक द्वारा यौन उत्पीड़न की शिकायत की, लेकिन न्याय न मिलने पर आत्मदाह कर लिया. महिलाओं के खिलाफ अपराधों में घरेलू हिंसा, छेड़छाड़ और रेप के मामले प्रमुख हैं, लेकिन सजा का अनुपात केवल चौथाई के आसपास है.