चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने बेरोजगार युवा वकीलों को लेकर दिए गए अपने बयान को गलत तरीके से पेश किए जाने पर सफाई दी उन्होंने कहा कि उनकी टिप्पणी उन लोगों के खिलाफ थी जो फर्जी डिग्री के आधार पर पेशों में घुसपैठ करते हैं सूर्यकांत ने स्पष्ट किया कि उन्होंने देश के युवाओं की आलोचना नहीं की और युवा उन्हें प्रेरित करते हैं