भारत में जनगणना कोविड के बाद हुए सामाजिक-आर्थिक बदलावों और माइग्रेशन के नए पैटर्न को समझने का माध्यम बनेगी. 2020 के लॉकडाउन में मेट्रो शहरों से मजदूरों का बड़े पैमाने पर गांवों और छोटे शहरों की ओर रिवर्स माइग्रेशन हुआ. टियर-2 और टियर-3 शहरों में स्थायी बसावट बढ़ी है और वे कम लागत, बेहतर कनेक्टिविटी और रोजगार के नए केंद्र बने.