BSNL की स्थापना 19 अक्टूबर 2002 को हुई थी, जो जल्द ही देश की नंबर-1 टेलीकॉम कंपनी बन गई थी मोदी सरकार ने BSNL को बंद करने के बजाय चार बार तीन लाख करोड़ रुपये से अधिक का रिवाइवल पैकेज दिया है BSNL की माली हालत खराब होने के कारण हजारों कर्मचारियों को वॉलेंटियरी रिटायरमेंट दिया गया जिससे खर्च कम हुआ