सरसंघचालक मोहन भागवत ने संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने पर स्वदेशी अपनाने और आत्मनिर्भरता पर जोर दिया. उन्होंने विदेशी वस्तुओं के स्थान पर स्थानीय उद्योगों और पारंपरिक उत्पादों को प्राथमिकता देने का आह्वान किया. संघ प्रमुख ने कहा कि कोका कोला और पिज्जा की जगह घरेलू शिकंजी और पोषक भोजन का सेवन करना चाहिए.